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मनुष्य के सामान्य हाथ में चार उंगलियां और एक अंगूठा होते हैं। चारों उँगलियों में से प्रत्येक में तीन-तीन पोर (phalanges) और अंगूठे में दो पोर होते हैं। हस्त रेखा विशेषज्ञ प्रत्येक पोर के साथ व्यक्ति के जीवन से सम्बंधित विशिष्ट गुण (properties) और शक्तियां सम्बद्ध मानते हैं।
मनुष्य की हथेली में अंगूठे का विशेष महत्व होता है। वास्तव में अंगूठे के बिना उंगलियां किसी कार्य को ठीक से नहीं कर सकतीं। यदि किसी वस्तु को चार उँगलियों से आप मजबूती से पकड़ना चाहें तब यह आपके लिए संभव नहीं है। किन्तु जब उँगलियों को अंगूठे का साथ मिल जाता है तब यह कार्य आप आसानी से कर सकते हैं।
जिस तरह से किसी वस्तु को उठाने या पकड़ने के लिए हाथ की उँगलियों को अंगूठे के संबल (support) की आवश्यकता होती है उसी तरह, हस्त रेखा विज्ञान के अनुसार, जीवन पर मजबूत पकड़ बनाने के लिए अंगूठे के दो पोरों (phalanges) से सम्बद्ध शक्तियों (powers) के उपयोग की आवश्यकता होती है। ये दो शक्तियां तार्किक शक्ति (Power of reasoning or Logic) और इच्छा शक्ति (willpower) होतीं हैं। इच्छा शक्ति के अभाव में कोई कार्य नहीं किया जा सकता है, तर्क की कसौटी पर परीक्षण किये बिना कार्य करने में सफलता के अवसर कम होते हैं। कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व क्यों, कैसे पर विचार करने के साथ ही आवश्यक शक्ति और साधनों पर भी विचार किया जाना चाहिए।