Showing posts with label practical approach. Show all posts
Showing posts with label practical approach. Show all posts

Friday, November 7, 2014

व्यवहारिक दृष्टिकोण : Practical Approach

        जिस प्रकार मुंह से बड़े आकार के फल को छोटे आकार के टुकड़ों में काट कर आसानी से खाया जा सकता है उसी प्रकार अनेक बड़े कार्यों जिनकी विशालता को देखकर उनका पूरा किया जा सकना असंभव लगता है और जिनकी विशालता को देखकर हम घबरा जाते हैं को विभिन्न चरणों में विभाजित कर लेने पर आसानी से किया जा सकता है। किसी बड़े कार्य को प्रारम्भ करने से पूर्व हमें इस पर अवश्य विचार करना चाहिए।