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Friday, November 3, 2017

व्यवहारिक दृष्टिकोण : Practical Approach Helps

Good Morning Friends !
मित्रो !

            विशाल कार्य को देखकर घबराने की जरूरत नहीं होती अपितु उसे  पूरा करने के लिए धैर्य और सूझ-बूझ की जरूरत होती है। जिस प्रकार मुंह से बड़े आकार के फल को छोटे- छोटे टुकड़ों में विभाजित करके आसानी से खाया जा सकता है उसी प्रकार अनेक बड़े कार्यों, जिनकी विशालता को देखकर उनका पूरा किया जा सकना प्रथम दृष्टया (Prima Facie) असंभव लगता है और जिनकी विशालता को देखकर हम घबरा जाते हैं, को विभिन्न चरणों में विभाजित कर लेने पर आसानी से पूरा किया जा सकता है। किसी बड़े कार्य को प्रारम्भ करने से पूर्व हमें इस पर अवश्य विचार करना चाहिए।

Monday, November 14, 2016

निर्णय लेने में देश, काल और परिस्थितियों का महत्व : Importance of Time, Place and Circumstances in Taking a Decision

मित्रो ! 
देश, कल और परिस्थितयों को देखकर लिया गया निर्णय व्यवहारिक निर्णय होता है। जो निर्णय व्यवहार में न लाया जा सके, उस निर्णय की कोई उपयोगिता नहीं होती।  
देश, काल और समस्त  परिस्थितियों को ध्यान में रखकर लिया गया निर्णय ही उचित निर्णय होता है। इनकी उपेक्षा कर लिया गया कोई निर्णय अनुपयोगी और अनुपयुक्त निर्णय होता है। 
 Importance of Time, Place and Circumstances in Taking a Decision.