Saturday, April 9, 2016

मंगलकारी अभियान : Auspicious Campaign

मित्रो !
प्राकृतिक संसाधनों पर बोझ घटाने और पर्यावरण प्रदूषण कम करने के लिए आइये हम सब 
1. अनावश्यक कार्य न करने;
2. खपत में मितव्यता बरतने; और 
3. दुरुपयोग तथा बर्बादी रोकने, की 
कल्याणकारी मुहिम से जुड़ें। 
   मुहिम में भागीदारी से स्व-हित, जनहित और जगत हित सभी सुरक्षित होंगे। ऐसा होने पर हमारी आवश्यकताएँ घटेंगी, हमारे द्वारा वस्तुओं की मांग घटेगी। ऐसी स्थिति में हमें आर्थिक लाभ तो होगा ही साथ ही वस्तुओं के उत्पादन में प्रयोग होने वाले संसाधनों की बचत होगी, उत्पादन प्रक्रिया से होने वाले प्रदूषण में भी कमी आएगी। फलस्वरूप वर्तमान में घटित होने वाली प्राकृतिक आपदाओं में कमी आएगी। 
   शहरों में बिजली, पानी, फ्यूल गैस और वाहनों का प्रयोग ऐसे क्षेत्र हो सकते हैं जिनसे अभियान की शुरुआत की जा सकती है, बाद में धीरे-धीरे अन्य क्षेत्र भी अभियान के दायरे में लाये जा सकते हैं। 
   तीन दिन पूर्व मेरे मन में यह प्रश्न उठा था कि मैं शहर में रहते हुए किस प्रकार संसाधनों को बचाने और प्रदूषण को रोकने में अपना योगदान कर सकता हूँ। मुझे जो उत्तर मिला वह मैंने आपके सामने रखा है। दो दिन पूर्व मैंने स्वयं अभियान की शुरुआत कर दी है, अच्छा अनुभव कर रहा हूँ और उत्साहित भी हूँ। ऐसे में अन्य लोगों से निवेदन कर रहा हूँ कि यदि उन्हें यह विचार अच्छा लगे तब वे भी अधिक-से अधिक संख्या में अभियान से जुड़कर मुझे कृतार्थ करने की कृपा करें। 
     In order to reduce burden on our natural resources and to save the environment, join this Mangalkari Abhiyaan, the "Auspicious Campaign". You can do so by limiting your requirements, by consuming according to your needs and by not wasting or misusing the material or means.By doing this, you will do a favor to yourself, to others and to this holy Earth.

चैत्र नवरात्र मंगलमय हो

     जगद्जननि माँ जगदम्बा की वंदना करते हुए मैं कामना करता हूँ कि मां आप सभी को सुख, समृद्धि और दीर्घायु का आशीर्वाद प्रदान करें। नवरात्र आप सभी को मंगलमय हों।


क्या यह हास्यास्पद नहीं है?

मित्रो !
     आज देश में धार्मिक मूल्यों को बचाने के बजाय तेरे -मेरे धर्म की बहस और नाम, नारों तथा प्रतीकों की चर्चा ज्यादा हो रही है। भूखे-प्यासे लोगों के सामने भोजन परोसने और प्यासों को पानी पिलाने के बजाय हम उनके सामने मनोरंजन का विकल्प प्रस्तुत कर रहे हैं। क्या यह हास्यास्पद नहीं है?


मामला अहम तो फैसला भी अहम

मित्रो !
     महत्वपूर्ण मामलों में लिए जाने वाले निर्णय भी महत्व्पूर्ण होते हैं। महत्वपूर्ण मामलों में निर्णय लेने में जल्दबाजी नहीं की जानी चाहिए। ऐसे मामलों में निर्णय समग्र तथ्यों और परिस्थितियों को को देखते हुए सोच-समझ कर ही लिए जाने चाहिए। महत्वपूर्ण मामलों में निर्णय लेने के लिए शांत सोच की आवश्यकता होती है। 


Important Matter Needs an Important Decision.





Friday, April 1, 2016

एकता के सच्चे समर्थकों से : To Real Supporters of Unity

मित्रो !
     परिवार को एक रखने के लिए जरूरी है कि कोई ऐसा काम न किया जाय जो परिवार की एकता के लिए घातक हो, जिससे परिवार के सदस्यों के बीच स्नेह के बंधन टूट जांय और अपने ही अपनों से बगावत कर अपनो के दुश्मन और दुश्मनों के दोस्त बन जांय।


        For unity in a family, it is essential that one should not do any act which may prove fatal for the unity of the family, which may break the bonds of affection among the members of the family and few members, after revolt, become enemy of their own and friends of their enemies.