Showing posts with label Dialogue. Show all posts
Showing posts with label Dialogue. Show all posts

Wednesday, July 6, 2016

बोल-चाल जारी रहे तो ही अच्छा : Continuation of Dialogue is Better

 मित्रो !
         बोल-चाल बंद होने की स्थिति में जीवन में कटुता भर जाती है। इससे गलतफहमियां पैदा होतीं हैं और रिस्तो में दरार पड़  जाती है। मनुष्य को चाहिए कि वह ऐसी स्थिति उत्पन्न न होने दे और अगर ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गयी है तब इससे निकलने के लिए सार्थक प्रयास करे।