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Friday, May 25, 2018

ठहरें और सोचें : STOP and THINK


Friends !
       क्या  हिंसा  और नफ़रत के चलते हमारी गौरवशाली संस्कृति और इतिहास कलंकित नहीं हो रहे हैं।  यदि हाँ, तब इसके लिए दोषी कौन है। ऐसा करके क्या हम समाज और इंसानियत को शर्मसार नहीं कर रहे हैं?

             Whether our glorious culture and history are not being tarnished due to violence and hatred. If yes, then who is the culprit for it. By doing so, are we not embarrassing society and humanity?



Wednesday, February 8, 2017

इंसानियत पीड़ित क्यों है : Why Humanity is Suffering

मित्रो !
        मैंने स्वयं से पूछा कि मानवता दम तोड़ती क्यों नजर आती है?, उत्तर मिला "आदमी स्वार्थी और उसका दिल छोटा हो गया है,  इस छोटे दिल में भी इंसानी जज्बातों की जगह राग और द्वेष (passion and hatred) समाये हुए हैं।"
         किसी शायर ने ठीक ही कहा है:
रकवा तुम्हारे गाँव का मीलों हुआ तो क्या,

रकवा तुम्हारे दिल का तो दो इंच भी नहीं।


Tuesday, June 28, 2016

Petition Before God : ईश्वर के सामने याचना

Oh God !
            Give us the knowledge to identify the vices and sinful deeds; Let a feeling of hatred be developed  within us for them. Give us the power and the strength so that we can own the virtues and can save ourselves from doing sinful acts.

हे ईश्वर !
हमें ऐसा ज्ञान दो जिससे हम अवगुणों तथा पाप कर्मों को पहचान सकें, हमारे अन्दर उनके प्रति घृणा का भाव उत्पन्न हो; हमें ऐसी शक्ति और सामर्थ्य दो जिससे हम सदगुणों को धारण करें और पाप कर्मों के करने से बचें।






Friday, November 20, 2015

ईश्वर से याचना

हे ईश्वर !
           हमें ऐसा ज्ञान दो जिससे हम अवगुणों तथा पाप कर्मों को पहचान सकें, हमारे अन्दर उनके प्रति घृणा का भाव उत्पन्न हो; हमें ऐसी शक्ति और सामर्थ्य दो जिससे हम सदगुणों को धारण करें और पाप कर्मों के करने से बचें।