मित्रो !
दीन- दुखी, असहाय अथवा मुसीबत में फंसे किसी प्राणी के प्रति सहानुभूति की भावना ही दया की भावना है और ऐसी भावना के वशीभूत उनमें से किसी पर उसके सहायतार्थ किया गया उपकार ही दया है। Friends !
Peace, Co-existence, Universal Approach Towards Religion, Life, GOD, Prayer, Truth, Practical Life, etc.