Saturday, August 22, 2015

प्यार और करुणा


मित्रो !

        प्यार और करुणा भावनायें हैं। नकारात्मक सोच रखने वाले व्यक्ति के अंतःकरण में इनका जन्म नहीं होता। प्यार और करुणा विहीन व्यक्ति किसी के प्यार और दुःख - दर्द को समझ पाने में असमर्थ रहता है। 
        यदि हम चाहते हैं कि हमारे अन्दर प्यार और करुणा की भावनायें जीवित रहे तब हमें चाहिए कि हम अपने अन्दर सकारात्मक सोच को विकसित करें और नकारात्मक सोच को त्याग दें।


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