Sunday, April 30, 2017

जीएसटी मंथन -1: GST CHURNING

प्रिय मित्रो!
       सेन्ट्रल जीएसटी एक्ट, 2017 अस्तित्व में आ चुका है। इसी से मिलता-जुलता कानून राज्यों में लागू होना है। इस स्तर पर हम इसके प्राविधानों पर चर्चा कर सकते हैं।  इसी आशय से पोस्ट्स की यह श्रंखला मैं इस अनुरोध के साथ शुरू कर रहा हूँ कि कृपया इसमें भाग लेकर इसे सफल बनाएँ।
मैं यहां पर प्राविधान का उल्लेख करके एक प्रश्न आपके सामने रखूंगा। आप अपनी राय कमेंट्स के अंतर्गगत अंकित कर सकते हैं।  बाद में मैं अपनी राय भी रखूंगा।
प्रश्न - 1
      रजिस्ट्रेशन किस व्यक्ति को लेना है के विवरण सेन्ट्रल जीएसटी एक्ट की धारा 22 में दिए गए हैं।  इस धारा की उपधाराएँ (1) और (2) निम्न प्रकार हैं:
"22. (1) Every supplier shall be liable to be registered under this Act in the State or Union territory, other than special category States, from where he makes a taxable supply of goods or services or both, if his aggregate turnover in a financial year exceeds twenty lakh rupees:
Provided that where such person makes taxable supplies of goods or services or both from any of the special category States, he shall be liable to be registered if his aggregate turnover in a financial year exceeds ten lakh rupees.
(2) Every person who, on the day immediately preceding the appointed day, is registered or holds a licence under an existing law, shall be liable to be registered under this Act with effect from the appointed day."
"appointed day" या "नियत दिन" वह दिन होगा जिस दिन से क़ानून लागू होगा।
22. (1) इस अधिनियम के अधीन प्रत्‍येक प्रदायकर्ता, विशेष प्रवर्ग के राज्‍यों से भिन्‍न ऐसे राज्‍य या संघ राज्‍यक्षेत्र में रजिस्‍ट्रीकृत कराने के लिए दायी होगा, जहां वह माल या सेवाओं या दोनों का कराधेय प्रदाय करता है, यदि किसी वित्‍तीय वर्ष में उसका संकलित आवर्त बीस लाख रूपए से अधिक है :
परंतु जहां कोई व्‍यक्‍ति, विशेष प्रवर्ग के राज्‍यों में से किसी राज्‍य से माल या सेवाओं या दोनों का कराधेय प्रदाय करता है, वहां वह रजिस्‍ट्रीकृत किए जाने का दायी होगा, यदि किसी वित्‍तीय वर्ष में उसका संकलित आवर्त दस लाख रूपए से अधिक है ।
(2) प्रत्‍येक व्‍यक्‍ति‍ जो, नि‍यत दि‍न से ठीक पूर्ववर्ती दि‍न, वि‍द्यमान वि‍धि‍ के अधीन अनुज्ञप्‍ति‍ धारण करता है, नि‍यत दि‍न से अधि‍नि‍यम के अधीन रजि‍स्‍ट्रीकृत होने के लि‍ए दायी होगा ।
हिंदी वर्जन में कुछ त्रुटियां हो सकतीं हैं, मैंने यह रूपांतरण सेन्ट्रल जीएसटी बिल, 2017 से लिया है। मेरा प्रश्न उपधारा (2) पर आधारित है। प्रश्न निम्नप्रकार है।
 क्या जीएसटी में ऐसे व्यक्तियों को भी रजिस्ट्रेशन कराना होगा जिन्होंने वैट, सर्विस टैक्स, एक्साइज आदि में रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस ले रखा था किन्तु जिनका माल और सेवाओं का कुल वार्षिक टर्नओवर पांच लाख रूपया से अधिक किन्तु बीस लाख रूपया से अधिक नहीं था।
यदि आपका उत्तर "हाँ" में है तब क्या ऐसे व्यक्तियों / कारोबारियों के साथ अन्याय नहीं होगा क्योंकि अन्य ऐसे व्यक्तियों के लिए रजिस्ट्रेशन तभी लेना होगा जब उनका वार्षिक टर्नओवर 20 लाख रूपया से अधिक होगा।
आपकी सहायता के लिए मैं यह भी इंगित कर रहा हूँ कि संक्रमण कालीन प्राविधानों के अंतर्गत धारा 139 की उपधारा (3) में पुराने उन्हीं व्यापारियों के रजिस्ट्रेशन रद्द करने की बात कही गयी है जिनको धारा 22 और धारा 24 के प्राविधानों के अनुसार रजिस्ट्रेशन लेना जरूरी नहीं है।
धारा 139 की उपधारा (3) निम्नप्रकार है:
(3) The certificate of registration issued to a person under sub-section (1) shall be deemed to have not been issued
if the said registration is cancelled in pursuance of an application filed by such person that he was not liable to 
registration under section 22 or section 24.
(3) उपधारा (1) के अधीन किसी व्यक्ति को जारी रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र जारी किया गया नहीं समझा जाएगा यदि उक्त रजिस्ट्रीकरण ऐसे व्यक्ति द्वारा फाइल किए गए किसी आवेदन के अनुसरण में निरस्त है कि वह धारा 22 या धारा 24 के अधीन रजिस्ट्रीकरण के लिए दायी नहीं था ।



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