Saturday, July 15, 2017

क्या जीएसटी में - यह भी Casual taxable Persons हैं?

मित्रो!
      नोएडा से ग्रेटर नोएडा जाते समय सड़क के किनारे थोड़ी-थोड़ी दूरी पर लगभग 14-15 वर्ष आयु के लगभग 30-35 बच्चे छोटी ट्रॉली लगाए मक्के के उबले हुए भुट्टे बेचते दिखे। नोएडा बापस लौटते समय भी यही सब दिखा। कुछ भुट्टे खरीद लेने की इच्छा हुयी। इससे भी अधिक इच्छा उनमें से किसी से बात करने की हुयी।
      सड़क किनारे गाडी रकबा ली। गाडी से उतर कर एक बच्चे से मैंने बात की। उसने बताया कि वारिश का मौसम आने पर कच्चे भुट्टे खरीद कर उन्हें उबाल कर स्कूल में छुट्टी के दिनों में बेच लेते हैं। एक भुट्टा 10 रुपये का बेचते हैं।  किसी दिन 70-80 भुट्टे बिक जाते हैं जिससे 150 से 200 रुपये मिल जाते हैं। किसी-किसी दिन इससे अधिक भी बिक जाते हैं। इससे उनके गरीब परिवार की मदद हो जाती है। दशहरे के आस-पास उबले सिंघाड़े बेच लेते हैं, दीवाली पर खिल-खिलौने, मिटटी की बनी दिवालियां बेच लेते हैं। गर्मियों में ककड़ी, खरबूजे, तरबूज बेच लेते हैं।

      मेरे पूछने पर बताया कि वे पास के गावों में रहते हैं। साल भर में समय-समय पर काम करते हैं।  वर्ष भर में सौ सवा सौ दिन  ऐसा कर लेते हैं। इसके बाद मैंने 6 भुट्टे ख़रीदे और बापस आकर गाडी में बैठ कर सोचने लगा कि क्या ऐसे लोग भी जीएसटी के दायरे में आएंगे? क्या वे भी Casual Taxable Person कहलायेंगे ? क्या ऐसा करने से पहले उन्हें जीएसटी में रजिस्ट्रेशन लेना था? क्या उन्हें भी जीएसटी अदा करना था? सरकार द्वारा जारी किये गए नोटिफिकेशन्स खंगालता रहा, पर किसी निश्चित निष्कर्ष पर नहीं पहुँच सका।  सोचता हूँ कि कि मेरा ऐसा सोचना गलत हो!


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