Monday, July 17, 2017

कर मुक्ति : TAX EXEMPTION

कर मुक्ति : TAX EXEMPTION
मित्रो !
      माल से सम्बंधित कर विधि में दो प्रकार की करमुक्तियाँ हो सकतीं हैं। प्रथम यह कि माल के संव्यवहारों पर करमुक्ति, रिफंड या रिबेट की व्यवस्था अधिनियम के अंतर्गत की जाय, द्वितीय यह कि कुछ वस्तुओं को कर विधि के बाहर रखा जाय। उदहारण के लिए IGST में माल की Special Economic Zones की units और developer को की जाने वाली माल और सेवाओं की सप्लाई पर देय कर राशि के बापस किये जाने का प्राविधान किया गया है, उनके द्वारा किये जाने वाले authorized operations में प्रयोग हेतु भारत के बाहर से आयात किये गए  माल और सेवाओं को करमुक्त किये जाने सम्बन्धी विज्ञप्तियां जारी की गयीं हैं। दूसरी प्रकार की करमुक्ति कुछ वस्तुओं (पेट्रोलियम क्रूड, डीज़ल आयल, पेट्रोल , एविएशन टरबाइन फ्यूल, नेचुरल गैस और मानव उपभोग के लिए मदिराको IGST Act से बाहर रख कर उन्हें IGST से मुक्त रखा गया है।
      ऐसी दोनों प्रकार की करमुक्तियों का कारोबारी के कुल टर्नओवर (gross turnover) और करयोग्य टर्नओवर (taxable turnover) पर क्या प्रभाव होगा, इस सम्बन्ध में माननीय उच्चतम न्यायलय द्वारा सर्वश्री ए. वी. फर्नेन्डीज़ वनाम स्टेट आफ केरला निर्णय दिनांक April 02, 1957   में व्यवस्था दी गयी है। वस्तुओं को कर विधि के बाहर रखे जाने की स्थिति में, बाहर रखी गयी वस्तुओं के टर्नओवर को कुल टर्नओवर (Gross turnover) में शामिल नहीं किया जा सकता है किन्तु इना वस्तुओं के टर्नओवर पर कारोबारी के रजिस्ट्रेशन प्राप्त करने या रिटर्न प्रस्तुत करने का दायित्व निर्धारित करने के लिए किया जा सकता है। जहां पर करमुक्ति, रिफंड या रिबेट देकर करमुक्ति दी जाती है वहां पर ऐसे संव्यवहारों के टर्नओवर को कुल टर्नओवर (aggregate turnover) में तो शामिल किया जा सकता है किन्तु करदेयता निर्धारित किये जाने के लिए ऐसा टर्नओवर करयोग्य टर्नओवर में शामिल नहीं किया जा सकता है। निर्णय का संगत अंश निम्नप्रकार है :-

"There is a broad distinction between the provisions contained in the statute in regard to the exemptions of tax or refund or rebate of tax on the one hand and in regard to the non-liability to tax or non-imposition of tax on the other. In the former case, but for the provisions as regards the exemptions or refund or rebate of tax, the sales or purchases would have to be included in the gross turnover of the dealer because they are prima facie liable to tax and the only thing which the dealer is entitled to in respect thereof is the deduction from the gross turnover in order to arrive at the net turnover on which the tax can be imposed. In the latter case, the sales or purchases are exempted from taxation altogether. The Legislature cannot enact a law imposing or authorising the imposition of a tax thereupon and they are not liable to any such imposition of tax. If they are thus not liable to tax, no tax can be levied or imposed on them and they do not come within the purview of the Act at all. The very fact of their non- liability to tax is sufficient to exclude them from the calculation of the gross turnover as well as the net turnover on which sales tax can be levied or imposed."


Post a Comment