Sunday, January 22, 2017

श्रीमद भगवद गीता के अनुसार अनुपयुक्त भोजन के गुण

मित्रो !

श्रीमद भगवद गीता के अध्याय 17 के श्लोक 9 के अनुसार निम्नप्रकार का भोजन अनुपयुक्त होता है:
अत्यधिक तिक्त (कड़ुए), खट्टे, नमकीन, गरम, चटपटे, शुष्क, तथा जलन उत्पन्न करने वाले भोजन रजोगुणी व्यक्तियों को प्रिय होते हैं। ऐसे भोजन दुःख, शोक तथा रोग उत्पन्न करने वाले हैं।
Foods that are too bitter, too sour, salty, very hot, pungent, dry, and chiliful, are dear to persons in the mode of passion. Such foods produce pain, grief, and disease.


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