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Monday, October 8, 2018

दुःख और क्रोध से छुटकारा : Relief From Anger and Pains


मित्रो !
यदि हम किसी परिणाम के आने से पूर्व ही परिणाम की समस्त सम्भावनाओं पर विचार करते हुए सभी प्रकार के परिणामों को स्वीकार करने के लिए अपने को मानसिक रूप से तैयार कर लें तब हम अनेक क्षेत्रों में दुःख और क्रोध से छुटकारा पा सकते हैं।



Wednesday, December 28, 2016

क्रोधित व्यक्ति अंधा कैसे? How a Person in Anger Becomes Blind


मित्रो !
         हमारे सामने रखी किसी वस्तु पर जब तक हमारा ध्यान (mind) केंद्रित नहीं होता तब तक वस्तु का प्रतिबिम्ब हमारी आँखों में बनने के बाबजूद भी हम वस्तु को नहीं देख पाते। क्रोध में ग्रसित व्यक्ति की बुद्धि क्रोध के कारणों पर केंद्रित होती है। ऐसी स्थिति में होने पर व्यक्ति न तो अन्य वस्तु देखता है और न ही अन्य विषय पर सोचता है। उसका ध्यान अपने हित और अहित पर भी नहीं जाता। इसी कारण कहते हैं कि क्रोध में व्यक्ति अँधा हो जाता है और उसकी आँखों पर पट्टी पडी होती है। 
       क्रोधित व्यक्ति को क्रोध से छुटकारा दिलाने के लिए उपाय भी यही होता है कि जिस वस्तु या कारण को लेकर कोई व्यक्ति क्रोधित है उससे उस व्यक्ति का ध्यान हटाकर किसी अन्य विषय या वस्तु पर केंद्रित कर दिया जाय।

Thursday, August 11, 2016

क्रोध पर नियंत्रण पाने के लिए क्या करें : What to do for getting control over anger

Friends !

            If we want to avoid anger, we should exercise tolerance and patience. We should learn to forgive others for their mistakes.
             यदि हम क्रोध पर नियंत्रण करना चाहते हैं तब हमें धैर्यवान और सहनशील बनने का अभ्यास करना चाहिए और दूसरों की गलतियों के लिए उन्हें क्षमा करना सीखना चाहिए।


Saturday, May 9, 2015

ईश्वर का अस्तित्व नकारना आत्मघाती : Denial of Existence of God is Fatal

मित्रो !
      जो लोग ईश्वर के अस्तित्व को स्वीकार करते हैं वे उसे सर्वव्यापीसर्वशक्तिमान और सर्वज्ञ मानने के साथ-साथ वे उसको अपना माता और पिता भी मानते हैं। ईश्वर सर्वव्यापी और सर्वज्ञ होने से, ईश्वर को मानने वालों की मान्यता होती है कि वे जो कुछ भी सही या गलत कर रहे हैं ईश्वर उसको देख रहा है, वे जो कुछ सोच रहे हैं अर्थात उनके मन में जो कुछ है, उसे भी ईश्वर जानता है। ऐसी सोच के कारण उन्हें गलत न करने और सदमार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। वे निर्जन में भी अकेले होने का अनुभव नहीं करते क्योंकि ईश्वर सर्वव्यापी होने से निर्जन में भी उनके साथ होता है। फिर जब सर्वशक्तिमान मित्र के रूप में जिसके साथ हो उसके डरने का कोई कारण नहीं रह जाता।
      ईश्वर के अस्तित्व को मानने वाले के लिए उसके माता- पिता का उसके सिर से छाया उठ जाने पर भी ईश्वर रुपी माँ-वाप का छाया सदैव बना रहता है। अतः ईश्वर को मानने वाला कभी अनाथ नहीं हो सकता। ईश्वर निष्पक्ष है, सत्य उसे प्रिय है, वह दयालु है और अहिंसा उसे प्रिय हैं, वह काम, क्रोध, मद और लोभ से परे हैं। अतः ईश्वर को मानने वाले उसे प्रसन्न रखने के लिए दया, सत्य, अहिंसा और निष्पक्षता में विस्वास रखते हैं, काम, क्रोध, मद और लोभ को घृणित आचरण मान कर उसके करने से बचते हैं। 
     मेरा विचार है कि ईश्वर को न मानने से उपर्यक्त प्राप्तियां होना संभव नहीं है। विपरीत इसके ईश्वर को न मानने से अराजकता फैलेगी और भय और असुरक्षा की भावनाओं का राज होगा। इन्हीं परिस्थितयों में मेरे अन्दर निम्नलिखित विचार ने जन्म लिया और मैंने यह उपयुक्त समझा कि इसे आपके साथ साझा किया जाय :
    यदि ईश्वर का अस्तित्व स्वीकारने से हमारे अन्दर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, हम निडर बनते हैं, अनाथ होने पर भी सनाथ होने का अनुभव करते हैं, दया, सत्य, अहिंसा और निष्पक्षता जैसे दैवीय गुणों से प्रेम करते हैं तथा काम, क्रोध, मद और लोभ से घृणा करते हैं, तब किसी के द्वारा ईश्वर के अस्तित्व का नाकारा जाना उसका अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारने जैसा है।




Friday, March 27, 2015

क्रोध पर नियंत्रण : How to Control Anger

मित्रो !
    जीवन में सफल होने के लिए क्रोध पर नियंत्रण पाना आवश्यक है।

       If we want to avoid anger, we should exercise tolerance and patience. We should learn to forgive others for their mistakes.