Peace, Co-existence, Universal Approach Towards Religion, Life, GOD, Prayer, Truth, Practical Life, etc.
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Friday, May 26, 2017
Friday, May 12, 2017
यह हम कहाँ आ गए हैं? Where we have reached.
मित्रो !
आजकल सभी क्षेत्रों में सामान्य रूप में ऐसा बहुत कुछ असामान्य घटित हो रहा है जो हमें याद दिलाता है कि यह कलियुग है। यहाँ प्यार, सत्य, करुणा, दान और धर्म जैसे तत्व कमजोर हो रहे हैं, उनकी परिभाषाएँ बदल रहीं हैं।
यहां सत्य से उसके सत्य होने का प्रमाण माँगा जा रहा है, वासना को प्यार का नाम दे दिया गया है, बूढ़े माँ-बाप सहानुभूति के पात्र बन गए हैं, मानवीय रिस्तों का व्यापारीकरण हो गया है। भोलेपन और विश्वास को छला जा रहा है, इनको ब्लैकमेल के लिए प्रयोग किया जा रहा है। कामुक भूखे भेड़िये हर जगह घूम रहे हैं। नदियाँ प्यासीं हैं, हवा, पानी पर पहरे लगे हैं, संख्या बल बढ़ाने को धर्म का सशक्तिकरण माना जा रहा है। संतों का अकाल दिख रहा है, ईश्वर की तिजारत करने वाले बाबाओं की संख्या बढ़ रही है, स्वयं भू ईश्वर अनेक हैं। हमारी धरती जो कभी स्वर्ग तुल्य थी पर बोझ और उसका दोहन इतने बढ़ गए हैं कि वह काँप और कराह रही है। ------- हम भूल गए हैं कि हम लगातार गर्त में गिर रहे हैं।
Thursday, March 9, 2017
Saturday, February 4, 2017
प्यार की जादुई भाषा : Magical Language of Love
मित्रो !
प्यार की भाषा का सभी प्राणियों
पर जादुई प्रभाव (magical effect) होता है। इससे मानवीय रिश्तों का सृजन और विकास होता है । यहां तक कि इसके प्रयोग से पशु - पक्षी भी मित्रवत व्यवहार करने लगते
हैं।
प्यार की भाषा बोलने वाला
व्यक्ति सामान्य परिस्थितयों में हर जगह वरीयता पाता है, ऐसे व्यक्ति की सोच भी सकारात्मक
रहती है। इन गुणों से उसकी सफलता के अवसर बढ़ जाते हैं।
Monday, October 31, 2016
प्यार का अनमोल उपहार : Valuable Gift of Love
- मित्रो !
God has blessed all of us with valuable gift of love. We should understand love and thereafter -ईश्वर ने हम सभी को प्यार के अनमोल उपहार से आशीर्वाद दिया है। हमें चाहिए कि हम प्यार को समझें और उसके बाद -Live in love and inspire others to live with love.प्यार को जियें और औरों को प्यार से जीने के लिए प्रेरित करें। - Promote and propagate love.
Saturday, August 22, 2015
प्यार और करुणा
मित्रो !
प्यार और करुणा भावनायें हैं। नकारात्मक सोच रखने वाले व्यक्ति के अंतःकरण में इनका जन्म नहीं होता। प्यार और करुणा विहीन व्यक्ति किसी के प्यार और दुःख - दर्द को समझ पाने में असमर्थ रहता है।
यदि हम चाहते हैं कि हमारे अन्दर प्यार और करुणा की भावनायें जीवित रहे तब हमें चाहिए कि हम अपने अन्दर सकारात्मक सोच को विकसित करें और नकारात्मक सोच को त्याग दें।
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